Monday, June 10, 2019

दिनांक 11/06/2019 की शिक्षा न्यूज़ अपडेट

*मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को दी मंजूरी*

*प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों को एक जनवरी 2006 से एक वेतन वृद्धि का लाभ*

जयपुर, ।

राज्य सरकार ने राजकीय महाविद्यालयों के ऎसे व्याख्याताओं, शारीरिक शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों, जिनकी छठे वेतनमान में वार्षिक वेतन वृद्धि 2 जनवरी, 2006 से 30 जून, 2006 के मध्य थी, उन्हें अन्य राजकीय कर्मचारियों के समान एक  जनवरी, 2006 से एक वेतन वृद्धि का लाभ दिए जाने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने इस सम्बन्ध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री के इस निर्णय का लाभ प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों के 456 व्याख्याताओं, शारीरिक शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों को मिलेगा। इन शिक्षकों के लिए एक जनवरी, 2006 से 30 जून, 2013 तक का संशोधित वेतन स्थिरीकरण नोशनल होगा तथा वास्तविक लाभ एक जुलाई, 2013 से मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग नेे 12 अक्टूबर, 2009 के आदेश के तहत राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों को छठा यूजीसी वेतनमान स्वीकृत किया था। इसमें वार्षिक वेतन वृद्धि की तिथि एक जुलाई, 2006 निर्धारित की गई थी। वार्षिक वेतनवृद्धि के लिए न्यूनतम छह माह की सेवावधि होने का प्रावधान है। इस कारण उस समय ऎसे महाविद्यालय शिक्षक जिनकी वेतनवृद्धि 2 जनवरी, 2006 से 30 जून, 2006 के दरमियान थी, उन्हें एक जुलाई, 2006 को छह माह की अवधि पूरी नहीं होने के कारण वार्षिक वेतन वृद्धि 1 जुलाई, 2006 के स्थान पर एक वर्ष बाद 1 जुलाई, 2007 को स्वीकृत की गई थी।

अब मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद इन 456 शिक्षकों को भी अन्य राज्यकर्मियों के समान एक जनवरी, 2006 से एक वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि ऎसे प्रकरणों में अन्य राज्य कर्मचारियों को एक जनवरी, 2006 से वेतन वृद्धि का लाभ पहले ही दिया जा चुका है।

*चिकित्सा मंत्री ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा*

*एएनएम तथा जीएनएम के लगभग 17 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश*

जयपुर, ।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में 24 घंटे प्रसूति सेवाएं प्रदान करने के लिए डिलीवरी पॉइन्ट के रूप में विकसित कर आवश्यक सभी उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. शर्मा ने स्वास्थ्य भवन में सोमवार को आयोजित जनघोषणा पत्र की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने प्रत्येक चिकित्सा संस्थान पर प्रसव सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार सभी केन्द्रों पर आवश्यक रूप से प्रसव कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों पर चिकित्सक, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जल्द ही एएनएम तथा जीएनएम के लगभग 17 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 732 आपातकालीन एम्बुलेंस 108 संचालित की जा रही है। उन्होंने खराब पड़ी एम्बुलेंस के स्थान पर नई एम्बुलेंस लगाने की कार्यवाही यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिये संचालित मेडिकल मोबाइल यूनिट एवं मेडिकल मोबाइल वैन के संचालन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

डॉ. शर्मा ने टीकाकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी बच्चों के पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण की रिपोर्टिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले माह संचालित होने वाले खसरा-रूबेला अभियान की सभी तैयारिया समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रदेश में मेडिकल ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने की आवश्यकता प्रतिपादित की।

चिकित्सा मंत्री ने दूरस्थ चिकित्सा संस्थानों में ऑनलाइन विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित टेलीमेडिसन परियोजना को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्हाेंने इस परियोजना के बारे में आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को एनिमिया से मुक्त करने के लिये संचालित एनिमिया मुक्त राजस्थान अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा विभाग के साथ समन्वय करते हुये विद्यालयों में आईएफए की उपलब्धता व उपयोगिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आशा सहयोगिनियों के रिक्त पदों को तत्काल भरने के निर्देश दिए।

डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश के गांव-गांव व ढाणी-ढाणी तक आमजन को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में उपस्वास्थ्य केन्द्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आवश्यकतानुसार नए उपस्वास्थ्य केन्द्र खोलने, रिक्त पदों को भरने के साथ ही विभिन्न मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण करते हुए उपस्वास्थ्य केन्द्रों को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की है।

चिकित्सा मंत्री ने निजी चिकित्सालयों एवं जांच केन्द्रों पर गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए बेतहाशा शुल्क के नाम पर अनावश्यक दबाव को रोकने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट पर चिंता व्यक्त करते हुये मिलावटियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने औद्योगिक घरानों के सीएसआर के द्वारा चिकित्सा संस्थानों को गोद लिये जाने के लिये औद्योगिक घरानों से सम्पर्क कर चिकित्सा संस्थानों की सीएसआर के अन्तर्गत गोद लिये जाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

बैठक में शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री हेमन्त गेरा, मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. समित शर्मा, प्रबन्ध निदेशक आरएमएससी श्री सुरेश चन्द गुप्ता, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम श्री एस.एल. कुमावत, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के.माथुर, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. खुशाल यादव, निदेशक आरसीएच डॉ. श्रीराम मीणा, निदेशक एडस डॉ. आरपी डोरिया सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

*प्रदेश में खसरा-रुबेला अभियान 22 जुलाई से*

*प्रदेश का कोई भी बच्चा टीकाकरण से नही बचे - मुख्य सचिव*

जयपुर, ।

मुख्य सचिव श्री डी बी गुप्ता ने प्रदेश में 22 जुलाई से शुरु होने वाले खसरा -रुबेला अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए विडियो कॉन्फ्रेंसिंग  के माध्यम से प्रत्येक जिला कलेक्टर तथा संबंधित अधिकारियों को दिशा- निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने कहा कि खसरा और रुबेला गंभीर बीमारियां हैं और पोलियो से भी बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें केवल टीकाकरण के माध्यम से ही रोका जा सकता है और इसीलिए देश भर में इस बीमारी से लड़ने के लिए युद्ध स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 22 जुलाई से यह अभियान चलाया जाएगा और इसके तहत लगभग 2 करोड़ 26 लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिये कि एक भी बच्चा टीकाकरण से नही बचे।

मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिला कलेक्टर को इस अभियान के लिए जिला तथा ब्लॉक स्तर पर टास्क फोर्स  गठित कर बैठक करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए अभियान से पहले ग्राम सभाओं तथा स्कूलों में इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। श्री गुप्ता ने कहा कि निजी चिकित्सकों तथा नेहरू युवा केन्द्रों की भी सहायता ली जा सकती है।

मुख्य सचिव ने कहा कि सही तरीके से टीकाकरण किया जाना सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य योजना तैयार कर काम करने के लिये कहा। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता प्रदेश के लिए एक चुनौति है और सभी के सहयोग से इसे सफल बनाया जा सकता है।

एन एच एम मिशन निदेशक डॉ. समित शर्मा ने बताया कि यह केन्द्र सरकार का एक महत्वपूर्ण अभियान है। देश भर में इससे अब तक लगभग 30 करोड़ बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने कहा प्रदेश में यह अभियान 22 जुलाई से शुरु होकर 6 सप्ताह तक चलेगा, जिसके तहत 9 माह से लेकर 15 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।

श्री शर्मा ने कहा कि अभियान के विभिन्न चरणों में निजी और सरकारी स्कूलों तथा मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों, कच्ची बस्ती में रहने वाले, स्कूल नही जाने वाले बच्चों तथा र्इंट भट्टों, घुमन्तु आबादी के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव आर. वेंकेटेश्वरन्, आयुक्त सूचना एवं जनसंपर्क विभाग श्री एनएल मीणा, श्रम एवं नियोजन विभाग सचिव श्री नवीन जैन, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम श्री शंकर लाल कुमावत, नगरीय विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री एम एल योगी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

*28 जून को आयोजित होने वाले प़च्चीसवें राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2019 में शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों के शैक्षिक, सहशैक्षिक एवं भौतिक विकास हेतु सहयोग देने वाले भामाशाहों तथा प्रेरकों का होगा सम्मान*

जयपुर,।

शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों के शैक्षिक, सहशैक्षिक एवं भौतिक विकास हेतु सहयोग देने वाले लगभग 150 भामाशाहों तथा प्रेरकों को 28 जून को बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले प़च्चीसवें राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2019 में सम्मानित किया जाएगा।

प़च्चीसवें राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2019 के सफल आयोजन एवं सुचारू व्यवस्था हेतु गठित राज्यस्तरीय समिति की समीक्षा बैठक सोमवार को समिति के अध्यक्ष प्रमुख शासन सचिव, स्कूल शिक्षा डॉ. आर. वेंकटेश्वरन की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित उनके कार्यलय कक्ष में आयोजित की गई।

प्रमुख शासन सचिव ने राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2019 में इस बार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती होने के उपलक्ष्य में महात्मा गांधी के जीवन के विभिन्न पहलुओं से सम्बधित पुस्तकें भी भामाशाहों को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह के साथ दिए जाने के सम्बन्ध में चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किए जाने के सम्मन्ध में सभी तैयारियों को समय में पर पूरा किए जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

समिति के सदस्य सचिव एवं निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बिकानेर श्री ओम कसेरा, सदस्य एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा बिकानेर श्री नथमल डिडेल,शासन संयुक्त सचिव श्री हरजी लाल अटल, संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा जयपुर संभाग जयपुर श्री रतन सिंह यादव, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक श्री ललित माथुर, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा अभियान, जयपुर की उपस्थिति में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा बैठक में प़च्चीसवें राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2019 के सफल आयोजन के सम्बन्ध में भामाशाहों को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह दिए जाने तथा प्रेरकों को प्रमाण पत्र, समारोह के आयोजन स्थल बिड़ला ऑडिटोरियम, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंच संचालन, भामाशाहों तथा प्रेरकों को ठहराने के बिन्दुओं सहित विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की गई ।

*आरपीएससी ने दी विशेष सुविधा, 3 परीक्षाओं के अभ्यर्थी 16 तक ऑनलाइन आवेदन में संशोधन कर सकेंगे*

*वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड सेकंड स्पेशल एजूकेशन परीक्षा 2018 सहित 3 परीक्षाओं में कर सकेंगे संशोधन*


अजमेर।

राजस्थान लोकसेवा आयोग द्वारा वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड सेकंड स्पेशल एजूकेशन परीक्षा 2018, फिजियोथेरेपिस्ट 2018 और स्कूल लेक्चरर स्कूल एजूकेशन परीक्षा 2018 भर्ती परीक्षाओं के ऑनलाइन आवेदन में अभ्यर्थी 16 जून तक संशोधन कर सकेंगे। यह प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई।

आयोग सचिव के के शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाएं जिनमें अभी प्रथम चरण की परीक्षा आयोजित किया जाना प्रस्तावित है और वे परीक्षाएं जिनमें प्रथम चरण की परीक्षा आयोजित की जा चुकी है, लेकिन इनके परिणाम अब तक जारी नहीं हुए हैं सभी में अभ्यर्थियों द्वारा भरे गए ऑनलाइन आवेदन पत्र में रहीं गलतियों के निराकरण के लिए सात दिन का ऑनलाइन संशोधन का अवसर आयोग द्वारा दिया जा रहा है।

संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी ई मित्र या ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 300 रुपए शुल्क जमा कराते हुए आयोग के ऑनलाइन पोर्टल http://rpsc.rajasthan.gov.in पर जाकर संशोधन कर सकेंगे।

इस चरण में वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड सेकंड स्पेशल एजूकेशन परीक्षा 2018 टीएपी, फिजियोथेरेपिस्ट 2018 टीएसपी व नॉन टीएसपी दोनों में और स्कूल लेक्चरर स्कूल एजूकेशन परीक्षा 2018 भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थी संशोधन कर सकेंगे।

*17 से 23 तक एसीएफ समेत चार परीक्षाओं के आवेदन में होगा संशोधन*

आयोग सचिव ने बताया कि 17 से 23 जून तक स्कूल लेक्चरर संस्कृत शिक्षा विभाग, वाइस प्रिंसीपल सुप्रींटेंडेंट आईटीआई एंड ग्रुप सर्वेयर 2018, ग्रुप इंस्ट्रक्टर सर्वेयर 2018 टीएसपी और एसीएफ एंड फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर ग्रेड फर्स्ट 2018 के आवेदन में संशोधन के लिए मौका दिया जाएगा।

*NEET result : छात्रों ने लगाए गड़बड़ी के आरोप, ओएमआर शीट-उत्तर कुंजी से 512 नंबर, मार्कशीट में आए कम*

*नीट परीक्षा परिणाम*

जयपुर.

पांच दिन पहले जारी हुए नीट परीक्षा ( NEET result ) के परिणाम को लेकर कई परीक्षार्थियों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि जो नंबर उन्हें राष्ट्रीय पात्रता एजेंसी (एनटीए) ने मार्कशीट में दिए हैं, उन नंबरों का मिलान जब उत्तर कुंजी व परीक्षार्थी की ओएमआर शीट से किया तो नंबरों में काफी अंतर आया। छात्रों ने यह अंतर 200 तक होने का आरोप लगाया है।

*एनटीए में किया फोन, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला*

जयपुर के छात्र फरदीन खान को मार्कशीट में उसे 497 अंक व 50,811 वीं रैंक मिली। फरदीन की मां मुबिन फैयाज खान ने बताया कि 6 जून को फरदीन की ओमएमआर शीट एनटीए की वेबसाइट से डाउनलोड की। उस ओएमआर शीट के उत्तरों का मिलान नीट की उत्तर कुंजी से किया गया तो पता चला कि फरदीन के 512 नंबर आ रहे हैं। हमने इसकी शिकायत एनटीए में भी करनी चाही, लेकिन उसे टेलीफोन नंबर पर कोई जवाब नहीं मिला।

*ओएमआर शीट से मिलान में इससे दो सौ नंबर अधिक आ रहे*

वहीं एक जगतपुरा निवासी छात्रा साक्षी मेहरा ने भी इसी तरह की शिकायत की है। साक्षी के पिता गिर्राज मेहरा ने बताया कि साक्षी के 312 नंबर आए हैं। जबकि ओएमआर शीट से मिलान में इससे दो सौ नंबर अधिक आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नीट को इस संबंध में मेल करके शिकायत भी दायर की है। मगर कोई जवाब नहीं आया।

*वेबसाइट से हटा दी गई ओएमआर शीट*

परिणाम के बाद एनटीए ने अपनी वेबसाइट पर परीक्षार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं यानी कि ओएमआर शीट अपलोड की थी। जिसे परीक्षार्थी अपना रोल नंबर डालकर देख सकते थे। दो दिन तक ओएमआर शीट वेबसाइट पर अपलोड रही। अब इन्हें वेबसाइट से हटा दिया गया है। छात्रों का कहना है कि गड़बड़ियां सामने आने के बाद ही उनकी ओएमआर शीट हटा दी गई है। नंबरों की गड़बड़ी केवल जयपुर में ही नहीं बल्कि देशभर में सामने आई है।

*6 डी सेटअप परिवर्तन : दिव्यांगों को 40 किमी दूर भेजा*

*माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय बीकानेर में हुई काउंसलिंग*

बीकानेर.

6 डी में चयनित शिक्षकों का सेटअप परिवर्तन (प्रारंभिक से माध्यमिक शिक्षा) के लिए अध्यापक लेवल द्वितीय के शिक्षकों की रविवार को भी माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) में काउंसलिंग हुई। प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से रिक्त पदों की सूची नहीं आने से काउंसलिंग निर्धारित समय सुबह नौ बजे से शुरू नहीं हो पाई। इस दौरान शिक्षक भीषण गर्मी में बाहर इंतजार करते रहे। इससे नाराज शिक्षकों व शिक्षक संघों ने प्रदर्शन भी किया। सूची आने के बाद काउंसलिंग दोपहर बाद तीन बजे शुरू हुई। विभाग की ओर से आनन-फानन में जारी हुई सूची आधी-अधूरी थी, जिसमें दिव्यांगों को खास छूट नहीं दी गई। इनका पदस्थापन 40 से 50 किलोमीटर दूर कर दिया गया।

*40 शिक्षकों की काउंसलिंग हुई*

कार्यालय में लेवल द्वितीय के 40 शिक्षकों की काउंसलिंग हुई। इनमें गणित-विज्ञान के चार, सामाजिक विज्ञान के 11, हिन्दी के 9 शिक्षक उपस्थित हुए। वहीं गणित विज्ञान के 6, सामाजिक विज्ञान के 7, हिन्दी के 9 शिक्षक अनुपस्थित रहे। अध्यापक लेवल द्वितीय में संस्कृत, उर्दू और सामान्य शिक्षक के पद रिक्त नहीं है।

*नाराज शिक्षकों ने किया प्रदर्शन*

शिक्षा बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य गुरचरण सिंह मान ने बताया कि दोपहर एक बजे तक दूसरी सूची नहीं आने से काउंसलिंग शुरू नहीं हो सकी। शाम 5:30 बजे के बाद हिन्दी विषय के अध्यापकों की काउंसलिंग शुरू हुई। प्रदर्शन करने वालों में शिक्षक संघ शेखावत के संजय पुरोहित, राष्ट्रीय के रवि आचार्य, आम्बेडकर के लालचंद हटीला, प्रगतिशील के आनन्द पारीक, गोविन्द भार्गव, भगत सिंह के किशोर पुरोहित, सियाराम के अशोक कुमार रामावत, मनोज कश्यप, रेस्टा के मोहरसिंह, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जयकिशन पारीक आदि शामिल थे। शिक्षक संघों ने बताया कि 6 डी प्रक्रिया को बंद किया जाए या शिक्षकों से विकल्प पत्र भरवाया जाए। 2016 से 6 डी काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

*नवीं कक्षा में फेल होने से बढ़ रहा ड्रॉप आउट, प्रदेश में करीब 40 हजार बच्चों ने छोड़ा स्कूल*

*आठवीं तक फेल नहीं करने की शिक्षा नीति का परिणाम*

*आदिवासी परिवारों का मजदूरी के लिए पलायन भी बड़ा कारण*

*प्रदेश में करीब 40 हजार ड्रॉप आउट*

उदयपुर .

आरटीई के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक किसी भी छात्र को फेल नहीं करने की शिक्षा नीति का एक बड़ा दुष्परिणाम सामने आ रहा है। 9वीं कक्षा में पहली बार असल परीक्षा देते हुए कई छात्र फेल हो जाते हैं और वे स्कूल जाना ही छोड़ देते है। इसमें लड़कियों की संख्या ज्यादा है। प्रदेश में ड्रॉप आउट बच्चों का आंकड़ा 50 हजार के करीब था जिसमें से मई में चले प्रवेशोत्सव के तहत स्कूल प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और उड़ान प्रोजेक्ट की मदद से करीब 8 हजार बच्चों को स्कूल से जोड़ा गया।

अब भी 42 हजार बच्चे ऐसे हैं जिन्हें स्कूल से जोडऩा बाकी है। उदयपुर में सत्र 2017-18 के ड्रॉप आउट आंकड़ों को देखें तो यह 2500 के करीब है जिसमें आधे से ज्यादा बालिकाएं हैं। आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की शिक्षा नीति के कारण बच्चों पर ज्यादा दबाव नहीं रहता है। जैसे ही वे नवीं कक्षा में आते हैं, उन पर दबाव बढ़ जाता है। शिक्षकों का भी कमजोर बच्चों पर पूरा फोकस नहीं रह पाता। होशियार बच्चे तो पास हो जाते हैं लेकिन सामान्य एवं कमजोर शैक्षिक स्तर वाले बच्चे 9वीं कक्षा की परीक्षा के झंझावात से निकल नहीं पाते हैं।

*यह वजह आई सामने*

ड्रॉप आउट बच्चों को स्कूल में पुन: दाखिला दिलाने को लेकर जब उनके घर वालों से सम्पर्क किया जा रहा है तो ग्रामीण क्षेत्रों में दो बड़े कारण सामने आते हैं। अव्वल तो 9वीं कक्षा में फेल होना है। छात्राओं के फेल होने पर अभिभावक उसे स्कूल नहीं भेजते है और घरेलू कार्य में दक्ष करने के साथ उसकी शादी की तैयारी शुरू कर देते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर लडक़ा फेल हो जाता है तो अभिभावक उसे अपने साथ छोटा-मोटा काम पर करवाने या घर की जिम्मेदारियां निभाने में जुटा देते हैं। कुछ का पढ़ाई में मन नहीं लगना जो कुछ मानते हैं कि पढक़र भी नौकरी तो नहीं लगेगी। जिले में उड़ान प्रोजेक्ट के सर्वे में फेल होने पर स्कूल छोड़ चुकी 750 बालिकाओं में से 225 से सम्पर्क किया गया है ताकि वे पुन: स्कूल से जुड़ सकें।

हमने करीब ढाई हजार ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान की है। आदिवासी क्षेत्र में अभिभावक बच्चियों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं। कुछ परिवार मजदूरी के लिए बच्चों को लेकर बाहर चले गए हैं।
रिद्धिमा शर्मा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण

दो साल के हमारे सर्वे में सामने आया कि विद्यार्थी ड्रॉप आउट इसलिए हो रहा है कि वे नवीं कक्षा में फेल हो गए। अब घर वाले उन्हें स्कूल नहीं भेज रहे या वे खुद शर्म महसूस करते हुए जाना नहीं चाहते हैं। यह कोशिश है कि इनको पुन: स्कूल से जोड़ दिया जाएगा। इसमें लड़कियों की संख्या ज्यादा है।
नवीन मिश्रा, जिला प्रबंधक, उड़ान प्रोजेक्ट

नामांकन बढ़ाने के दूसरी चरण में ड्रॉप आउट बच्चों को स्कूल को जोड़ा जाए, इस दिशा में काम होगा। अभिभावकों से की काउंसलिंग करेंगे ताकि वे बच्चों को स्कूल नहीं छुड़वाएं।
शिवजी गौड़, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी

*सेटअप काउंसलिंग के दौरान क्यों भडक़े गुरुजी*

*कोर्ट स्टे के 36 शिक्षकों को शामिल करने को लेकर किया प्रदर्शन*

सीकर.

हाल ही में शिक्षा विभाग के शिक्षकों के सेटअप परिवर्तन से शिक्षक समुदाय आक्रोशित है। शहरी क्षेत्र के शिक्षकों को गांवों में लगाने से नाराज शिक्षक आंदोलन पर उतर आए हैं। इधर सेटअप परिवर्तन शिक्षक काउंसलिंग में रविवार को सैकंडरी के 129 रिक्त पद भरे गए। काउंसलिंग में कुल 178 शिक्षकों की सूची तैयार की गई थी। काउंसलिंग के बाद लेवल प्रथम के तीन और लेवल द्वितीय के 46 पद अभी भी रिक्त चल रहे है। कोर्ट स्टे के 36 शिक्षकों को काउंसलिंग में शामिल करने तथा विकल्प के आधार पर सूची तैयार करने की मांग को लेकर शिक्षक संघ (शेखावत) सहित कई शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

*कई सैकंडरी पदों पर नहीं मिले शिक्षक*

रिक्त पद नहीं भरे जाने के पीछे का कारण नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों को काउंसलिंग में शामिल करने तथा सैकडऱी के अधिकांश पद पदोन्नति से भरना हैं। काउंसलिंग में हिंदी, अंग्रेजी, एसएसटी, गणित-विज्ञान के साथ लेवल प्रथम के पदों को शामिल किया गया। 6 शिक्षक अनुपस्थित रहे, जिन्हें बिना किसी प्रतिवेदन के पदों पर भेजा गया है।

*विषय रिक्त पद भरे पद*

अंग्रेजी 42 14
हिंदी 27 16
एसएसटी 35 23
गणित-विज्ञान 09 08
लेवल प्रथम 65 62

*इग्नू में आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई*

सिरोही |

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। इग्नू अध्ययन केंद्र- 2362 राजकीय महाविद्यालय सिरोही में बीए, बीएससी एवं बीकॉम में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी इग्नू अध्ययन केन्द्र से कक्षाओं में अध्ययन कर सकते है। इग्नू से बीए, बीकॉम, बीएससी करने के लिए नियमित रूप से महाविद्यालय आना जरूरी नहीं है। इग्नू अध्ययन केंद्र सिरोही के समन्वयक ने बताया कि अभ्यर्थी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन कर सकते है। ऑनलाइन आवेदन के लिए वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। तथा ऑफलाइन आवेदन के लिए अभ्यर्थी इग्नू अध्ययन केंद्र राजकीय महाविद्यालय सिरोही में गोविंद पटेल एवं उत्तमाराम से संपर्क कर आवेदन कर सकते है। इसके अतिरिक्त इग्नू सिरोही केंद्र से एम-कॉम एवं हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास एवं राजनीति विज्ञान में एमए भी की जा सकती है।

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