Wednesday, June 12, 2019

12/06/2019 के शिक्षा जगत के समाचार



























8वीं बोर्ड परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी अब राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से छीनकर जिलों की डाइट को दी जाएगी। शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने अधिकारियों को इस पर काम करने के निर्देश दिए हैं। डाइट अभी 5वीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन करा रहा है। भविष्य में 5वीं के साथ साथ 8वीं बोर्ड परीक्षा का जिम्मा भी डाइट संभाल सकते हैं। प्रदेश की सभी डाइटों की दशा सुधारने के लिए ऐसा किया जा रहा है। साथ ही डाइट को उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां शिक्षकों के खाली पदों को भी भरने के निर्देश दिए हैं। डोटासरा ने मंगलवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है। इसलिए अधिकारी विधानसभा प्रश्नों को गंभीरता से ले। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में डोटासरा ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए शिक्षकों को कार्य किए जाने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान की गतिविधियों के साथ ही साक्षरता और सतत शिक्षा, ओपन स्कूल, पाठ्यपुस्तक मंडल, शिक्षा निदेशालय आदि के कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में प्रमुख सचिव डाॅ. आर. वेंकटेश्वरन, समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक डाॅ. एन.के.गुप्ता, शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल एवं ओ.पी. कसेरा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद थे।





 प्रदेश की सभी स्कूलों में २१ जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। हालांकि अभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहे है, लेकिन इस दिन सभी स्कूल खुले रहेंगे और शिक्षक यहां आकर योग दिवस की तैयारियां कर योग दिवस मनाएंगे। शिक्षामंत्री गोविन्दसिंह डोटासरा ने शिक्षकों व विद्यार्थियों को योग दिवस में छूट भी दी है। इस संबंध में प्रपत्र भी जारी किया है।

प्रपत्र के अनुसार कोई विद्यार्थी या शिक्षक किसी कारणवश अपनी स्कूल में नहीं जा सकता है तो वह अपने नजदीकी किसी भी स्कूल में जाकर योग दिवस मना सकेंगे। परिपत्र के अनुसार योग दिवस में शामिल होने के लिए प्रार्थना पत्र देकर संबंधित स्कूल के संस्थाप्रधान से अनुमति लेनी होगी। शिक्षक को अपना नाम, पद व पदस्थापन आदि भी प्रार्थना पत्र में लिखकर देना होगा। शिक्षा मंत्री के इस निर्णय से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में प्रसन्नता का माहौल है। उनका कहना है कि सरकार के इस कदम से उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। नजदीकी स्कूल का लाभ मिल जाएगा।




प्रारंभिक से माध्यमिक शिक्षा विभाग में सेटअप परिवर्तन के लिए 6 डी में चयनित लेवल वन के शिक्षकाें की काउंसलिंग मंगलवार काे हुई। वरीयता से चयनित शिक्षकों को स्कूलों में रिक्त पद आवंटित किए गए। डीईअाे माध्यमिक उमाशंकर किराड़ू ने बताया कि काउंसलिंग के लिए पहुंचे शिक्षकों के पदस्थापन आदेश जारी कर दिए गए हैं। लेवल वन के शिक्षकाें काे 17 जून अाैर लेवल सैकंड के शिक्षकाें काे 14 जून तक नव पदस्थापन स्थान पर कार्यग्रहण करना हाेगा। तीन दिन चली काउंसलिंग में कुल 95 शिक्षकाें का सेटअप बदला है। इनमें 45 लेवल सैकंड अाैर 50 लेवल वन के शिक्षक शामिल हैं। मंगलवार काे लेवल वन के 50 शिक्षकाें काे काउंसलिंग के लिए बुलाया गया। इसमें 39 शिक्षक पहुंचे अाैर 11 अनुपस्थित रहे। काउंसलिंग में नहीं पहुंचने वाले शिक्षकाें काे शेष रही सीटाें पर पाेस्टिंग दी गई। डीईअाे ने बताया कि 6 डी में चयनित शिक्षकाें की परिवेदना 23 जून तक प्राप्त की जाएगी।











निजी स्कूलों की मनमानी व अनियमितताएं सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के छह निजी स्कूलों से एनओसी वापस लेने और मान्यता निरस्त करने संबंधी आदेश जारी किए है। इनमें जो स्कूल सीबीएसई से सम्बद्ध है उनकी एनओसी वापस लेकर मान्यता रद्द करने के लिए सीबीएसई को पत्र भेजा गया है।

शिक्षा निदेशालय की ओर से गठित कमेटी ने मई से अब तक प्रदेश के उन स्कूलों की जांच की जिनकी शिकायतें मिली थी। जांच में १९ स्कूलों में अनियमितता सामने आई है। इनमें हर साल मनमाने तौर पर फीस बढ़ाने, समय पर विद्यार्थियों को टीसी नहीं देने तथा स्कूल परिसर में स्टेशनरी के नाम पर वसूली करने के आरोप प्रमाणित हुए है। जांच रिपोर्ट के आधार पर निदेशालय ने छह एेसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त की मान्यता निरस्त करने और सीबीएसई से संबद्ध स्कूल की एनओसी वापस लेकर मान्यता रद्द करने के लिए सीबीएसई को पत्र भेजा है। शेष १३ स्कूलों पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।













अजमेर रीजन में इस बार बारहवीं में 11 हजार 117 विद्यार्थियों के सप्लीमेंट्री आई है। इनमें 7385 छात्र और 3732 छात्राएं हैं। दसवीं में 8256 विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री के योग्य माना गया है। इनमें 6062 छात्र और 2194 छात्राएं हैं। इनमें नियमित एवं स्वयंपाठी विद्यार्थी शामिल हैं। पांच हजार रुपए विलम्ब शुल्क देकर सभी स्कूल ने विद्यार्थियों की सूची अपलोड की। बारहवीं के सभी विषयों की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2 जुलाई को होगी। दसवीं की विषयवार पूरक परीक्षा 10 जुलाई तक चलेगी।







सरकार की ओर से स्कूल क्रमोन्नति कर ग्रामीण विद्यार्थियों को उनके गांव में पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराना उद्देश्य होता है लेकिन शिक्षा विभाग की लापरवाही का नमूना अलवर के कठूमर क्षेत्र के गांव जटवाड़ा का राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय है। इस स्कूल को चार साल पहले क्रमोन्नत किया गया है लेकिन यहां के शिक्षक विद्यार्थियों को प्रवेश ही नहीं दे रहे हैं। उन्हें डर है कि विज्ञान संकाय में इन विद्यार्थियो का परिणाम कम रहा तो उनका तबादला हो जाएगा। विधालय के कमोन्नत होने के बावजूद शिक्षकों की मनमानी के चलते 12 वी कक्षा के छात्रों नामांकन ही नही किया जा रहा है। जिससे छात्रो को कठूमर कस्बे में जाकर पढाई करनी पड़ रही है।

यहां कक्षा 11 वीं में विज्ञान संकाय में प्रवेश ही नहीं लिए जा रहे हैं। वही विद्यालय मे सन् 2017 मे 12 वी कक्षा मे तीन छात्रो नामांकन गया था। जिनमे से तीनो ही 12 वी कक्षा के छात्रों की टीसी काट दी गई। यहां कक्षा दसवीं पास करते ही विद्यार्थियों की टीसी काट दी जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां शिक्षक पढ़ाना ही नहीं चाहते हैं ओर विषय अध्यापक बिना पढ़ाए ही घर लौट जाते हैं। इस विद्यालय मे 18 अध्यापक मौजूद है जिनमे फिजिक्स व कमेस्ट्री सहित अन्य विषयों के वरिष्ठ अध्यापक है।






प्रारंभिक से माध्यमिक में पदस्थापन के लिए सोमवार सुबह शुरू हुई काउंसलिंग मंगलवार तडक़े तक चली। रात साढ़े 12 बजे तक शिक्षक गोवर्धन विलास स्कूल में ही परेशान होते रहे। मंगलवार तडक़े पदस्थापन के बाद 162 शिक्षकों की सूची चस्पा कर दी गई। अधिकारियों ने निदेशक से मिले स्पष्ट आदेश के बाद भी परिवेदनाओं को बस्ते में रखकर कुछ ऐसे शिक्षकों को भी दूरस्थ जगह भेज दिया, जिनको 6डी काउंसङ्क्षलग में शामिल ही नहीं करना था। इनमें सोमवार को बेसुध हुई, शिक्षिका भी शामिल है। जिसे अनुपस्थित मानकर उसका पदस्थापन 60 किमी दूर कर दिया गया। मुख्यालय कार्यालय में 256 परिवेदनाएं आई थी।


सोमवार रात गर्मी और दिनभर की थकान से परेशान बेदला खुर्द की शिक्षिका आशा दूबे को इलाज के लिए परिजन ले गए तो उसे अनुपस्थित मानकर 60 किलोमीटर दूर फतहनगर के जेवाणा में पदस्थापित कर दिया। इसी तरह पातेय वेतन पर लगे शिक्षकों के साथ भी सही नहीं हुआ, जिससे शिक्षकों में रोष है। रावजी का हाटा स्कूल में तैनात अलका भटनागर ह्रदयरोग से पीडि़त है, उनकी ओर से परिवेदना देने के बावजूद बडग़ांव के कालोड़ा स्कूल में 65 किलोमीटर दूर लगा दिया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक मुख्यालय) भरत जोशी ने बताया कि जो परिवेदनाएं आई है और 16 जून तक और आएगी उनका 23 जून को निस्तारण किया जाएगा। जिनका पदस्थापन किया है उन्हें 15 जून तक कार्यग्रहण करने के आदेश दिए गए है। काउंसलिंग की खामियों को लेकर राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने बताया कि जिन्होंने ठोस कारण बता नाम हटाने की परिवेदना दी उनको सुना नहीं और काउंसलिंग कर दी। 2009 से कई तृतीय श्रेणी शिक्षकों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक एवं वरिष्ठ शिक्षक के पद पर पदोन्नत कर दिया गया। काउंसलिंग में ऐसे 4 पातेय वेतन शिक्षकों को तृतीय श्रेणी लेवल-2 के आदेश कर दिए गए, वहीं विधवा, गंभीर रोग से पीडि़त शिक्षकों को भी नहीं सुना गया।







राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाने के लिए स्कूली शिक्षा के साथ ही व्यावसायिक शिक्षा लागू की थी,लेकिन इसकी क्रियान्विती सही तरीके से नहीं होने से प्रदेश भर में 905 स्कूलों में लगे व्यावसायिक शिक्षा के प्रशिक्षकों (वोकेशनल टीचर्स)को पिछले १६ माह से बकाया भुगतान जानी हीं मिला है। ऐसे में 1800 से अधिक शिक्षकों को घर चलाने में आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए 2015 में व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम शुरू किया था। इसमें कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के बच्चों को हैल्थकेयरए आईटी, ब्यूटी-वैलनेस, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड की पढ़ाई करवाई जा रही है। प्रदेशभर में 905 स्कूलों में करीब 1 लाख 52 हजार विद्यार्थी इस कोर्स में पंजीकृत है, लेकिन अभी तक इन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों का करोड़ों रुपए का भुगतान बकाया चल रहा है। ऐसे में अब उधारी में घर चलाना इन शिक्षकों के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा है। ऐसे में शिक्षक अपने आप को कंपनी व सरकार के भंवर जाल में फंसा हुआ समझ अपने आप को ठगा हुआ समझ रहे हैं।







कपंनियों ने शिक्षकों को पहले का तो भुगतान नहीं किया है वहीं अब 30 जून से नए सिरे से वोकेशनल शिक्षक लगाए जाने के आदेश निकाले हैं।ऐसे में शिक्षा विभाग व सरकार दोनों से शिक्षकों को राहत नहीं मिल रही है। ऐसे में शिक्षकों को यह चिंता सता रही है, कि बकाया भुगतान भी कंपनियां नहीं कर रही है, नए सिरे से वीटी लगाए जाने की बात कर रहे हैं, इससे उनके साथ धोखा हो रहा है। वीकेशनल शिक्षकों ने बताया कि केन्द्र सरकार तो व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, वहीं राज्य सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं होने से यह स्थिति पैदा हो रही है। शिक्षकों को न तो वेतन मिला, ना पीएफ के नाम पर उनके वेतन से पैसे काटे जा रहे हैं, लेकिन कंपनिया उतना पैसा नहीं मिला रही है, ईएसआई की सुविधा नहीं देने के बाद भी ईएसआई के पैसे काटे जा रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों से बोलते है तो हटाने क धमकी देते हैं, ऐसे में शिक्षकों को कोर्ट का दरवाजा खटखटना पड़ रहा है।






प्रदेशभर में करीब 1800से अधिक शिक्षकों का १० से लेकर २२ माह तक का सैलरी का भुगतान नहीं हुआहै। आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहाहै, कब तक उधारी में घर चलाएं। कंपनी व परिषद के बीच में क्या हो रहा है। अब 30 जून से फिर से हटाने के लिए बोल रहे हैं, इससे बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार हो जाएंगे। इस दिशा में सरकार को पहल कर इन्हें स्थाई करने चाहिए।









*_🔅आज बृहस्पतिवार को 👉 ज्येष्ठ सुदी एकादशी 16:50 तक पश्चात् द्वादशी शुरु , निर्जला एकादशी व्रत / भीमसेनी एकादशी व्रत ( सभी के लिए , सुवर्ण सहित चीनी दान ) , विघ्नकारक भद्रा 05:33 से 16:50 तक , बुध पुनर्वसु नक्षत्र में 11:26 पर , श्री गायत्री जयन्ती (आज भी) , रूक्मिणी विवाह (उडीसा) , मेला खाटूश्यामजी शूरू (राज.) व मेजर मनोज तलवार शहीदी दिवस।_*
*_🔅कल शुक्रवार को 👉 ज्येष्ठ सुदी द्वादशी 15:31 तक पश्चात् त्रयोदशी शुरु , चंपक द्वादशी (द्वादशी में त्रिविक्रम पूजा) , रूक्मिणी द्वादशी , प्रदोष व्रत , दाक्षिणात्यों का वटसावित्री व्रत आरम्भ (प्रथम संयम) , श्री सुपार्श्वनाथ जयन्ती , मेला खाटूश्यामजी (राज.) , गुरु श्रीहरगोबिंद सिंह जयन्ती (तारीखानुसार) व विश्व रक्तदान दिवस  ।_*













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